हिमाचल के 8 पारंपरिक उत्पादों को मिला GI टैग, राज्य के कुल 17 उत्पादों को मिली पहचान
- By Gaurav --
- Thursday, 02 Jul, 2026
Eight Traditional Himachal Products
शिमला: हिमाचल प्रदेश के सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और कृषि महत्व वाले आठ पारंपरिक उत्पादों को भौगोलिक संकेतक (Geographical Indication-GI) का दर्जा मिल गया है। अधिकारियों ने बुधवार को इसकी जानकारी दी।
जीआई टैग प्राप्त करने वाले नए उत्पादों में स्पीति का सीबकथॉर्न (छरमा), सलूणी सफेद मक्का, चंबा धातु कला, सिरमौरी लोइया, किन्नौरी टोपी, मंडी की सेपूवड़ी, किन्नौरी सेब और किन्नौरी आभूषण शामिल हैं।
इन नए उत्पादों के शामिल होने के साथ ही हिमाचल प्रदेश के कुल 17 पारंपरिक उत्पादों को हिमाचल प्रदेश विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद (HIMCOSTE) के माध्यम से जीआई टैग मिल चुका है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि राज्य सरकार द्वारा पिछले साढ़े तीन वर्षों में पारंपरिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और प्रोत्साहन के लिए किए गए निरंतर प्रयासों का परिणाम है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार चार अन्य स्वदेशी उत्पादों को भी जीआई टैग दिलाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। इनमें चंबा के पांगी क्षेत्र का भोट जौ, चंबा चुख, भरमौर क्षेत्र का प्लेक्ट्रैंथस शहद और सिरमौर की अदरक शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को इन उत्पादों के जीआई पंजीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि प्रदेश के अधिक से अधिक पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके।